कुछ मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
आईज़ोल, मिज़ोरम, भारत
अब अपने बारे में मैं क्या बताऊँ, मैं कोई भीड़ से अलग शख्सियत तो हूँ नहीं। मेरी पहचान उतनी ही है जितनी आप की होगी, या शायद उससे भी कम। और आज के जमाने में किसको फुरसत है भीड़ में खड़े आदमी को जानने की। तो भईया, अगर आप सच में मुझे जानना चाहते हैं तो बस आईने में खुद के अक्स में छिपे इंसान को पहचानने कि कोशिश कीजिए, शायद वो मेरे जैसा ही हो!!!

पृष्ठ

उन्होनें कहा था ....... लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
उन्होनें कहा था ....... लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 9 सितंबर 2010

महात्मा गांधी ने कहा था


Freedom is never dear at any price. It is the breath of life. What would a man not pay for living?

सोमवार, 6 सितंबर 2010

महात्मा गांधी ने कहा था




Everyone who wills can hear the inner voice. It is within everyone.